गुरु जाम्भोजी का अवतार, प्रारंभिक जीवन, 1485 के अकाल की घटना और समराथल धोरे पर पंथ स्थापना का पूरा इतिहास।
बिश्नोई समाज के 29 नियमों का वैज्ञानिक कारण और आज के आधुनिक युग में उनकी प्रासंगिकता व उपयोगिता।
गुरु जम्भेश्वर भगवान की 120 वेदमयी अमृत वाणी का मूल पाठ, उनके भावार्थ और ऑडियो प्लेयर की सुविधा।
देश भर में स्थित समाज के अष्ट धामों, प्रमुख मंदिरों और यात्रियों की सुविधा के लिए बनी धर्मशालाओं की विस्तृत सूची।
समाज की प्रातः व सायं कालीन आरती, साखियां, पारंपरिक भजन और मेले के गीतों का संकलन (ऑडियो सहित)।
खेजड़ली के 363 शहीदों से लेकर आधुनिक युग तक, वृक्षों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए हुए महान बलिदानों की गाथा।
समाज के उत्थान में लगी विभिन्न संस्थाओं, प्लेटफॉर्म के निर्माण में लगे तकनीकी सहयोगियों और आर्थिक दानदाताओं का विवरण।
निवण प्रणाम!
गुरु भगवान जम्भेश्वर की शिक्षाओं का मेरे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव रहा है। आज मैं अपने जीवन और व्यवसाय में जिस भी मुकाम पर हूँ, वह उन्हीं के आशीर्वाद और हमारे बिश्नोई समाज के महान संस्कारों का ही प्रतिफल है।
आज के इस भागदौड़ भरे आधुनिक और तकनीकी युग में, हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखना अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के साथ, गुरु जम्भेश्वर भगवान की वेदमयी अमृत वाणी, हमारे 29 महान व वैज्ञानिक नियमों और समाज के गौरवशाली इतिहास व संस्थाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का यह मेरा एक छोटा सा प्रयास है।
समाज के युवाओं से मेरा यही संदेश है कि शिक्षा, रोज़गार और तकनीक के क्षेत्र में खूब आगे बढ़ें, लेकिन अपनी 'प्रकृति-प्रेम' की महान विरासत, नशामुक्ति और 'जीव-रक्षा' के परम धर्म को कभी न भूलें। यही हमारी असली पहचान है।
इस पुनीत कार्य में आप सभी का सहयोग और आशीर्वाद अपेक्षित है। यदि इस प्लेटफॉर्म को और अधिक उपयोगी व सटीक बनाने के लिए आपके पास किसी भी प्रकार का सुझाव या जानकारी हो, तो कृपया मुझे मेरी ईमेल आईडी dinesh@fingerpe.com के ज़रिए सूचित ज़रूर करें।
आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!